लखनऊ: मोहनलालगंज में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार का ऐसा कहर देखने को मिला, जिसने सड़क किनारे सो रहे एक गरीब मजदूर परिवार की जिंदगी पलभर में बदल दी। रात करीब दो बजे एक अनियंत्रित वेन्यू कार पहले सड़क किनारे बनी कई दुकानों के टीन शेड तोड़ती हुई आगे बढ़ी, फिर एक ऑटो और कई ठेलियों को टक्कर मारने के बाद घर के बाहर चारपाई पर सो रहे परिवार में जा घुसी।
हादसे में हरिराम, उनकी पत्नी रामलली, दीपक समेत कुल पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनलालगंज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार बेहद तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
घायल परिवार का आरोप है कि कार में सवार लोग शराब के नशे में थे और लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे। हालांकि, पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर कार को कब्जे में ले लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर खतरे को उजागर किया है। सवाल यह भी है कि आखिर रात के समय रफ्तार पर नियंत्रण और नशे में वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी? गरीब मजदूर परिवार, जो दिनभर मेहनत कर रात को फुटपाथ और घर के बाहर सोने को मजबूर हैं, आखिर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यदि शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि होती है, तो चालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना है। यह हादसा सभी वाहन चालकों के लिए भी एक चेतावनी है कि कुछ सेकंड की लापरवाही किसी के पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर सकती है।
